उच्च प्रशासनिक पद प्राप्त करने का सपना अधिकांश युवाओं का होता है। यहाँ तक कि कुछ बच्चों के बचपन से ही इन पदों की ओर जाने की दिशा तय होती है। कक्षा 12वीं तक अध्ययन का लगभग एक समान रास्ता होता है लेकिन 12वीं कक्षा एक ऐसा पड़ाव है, जहाँ अनगिनत विकल्प त्यागकर किसी विशेष विकल्प का चयनकर अपने लक्ष्य को दिशा देनी होती है। इस विषय से संबंधित तमाम प्रश्नों; जैसे- क्या हमें तैयारी अभी से शुरू कर देनी चाहिए, ग्रेजुएशन का विषय क्या हो, अभी क्या पढ़ना चाहिए, उचित अध्ययन सामग्री क्या हो आदि के जबाव देने के लिए आज हमारे साथ हैं संस्कृति IAS के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अखिल मूर्ति सर।
सर सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का दो दशक से अधिक समय से मार्गदर्शन कर रहे हैं। वर्तमान में संस्कृति IAS कोचिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं साथ ही यहाँ इतिहास (सामान्य अध्ययन एवं वैकल्पिक) विषय पढ़ा रहे हैं। सर अपने विषय के पूरे भारत के सर्वश्रेष्ठ एवं अनुभवी अध्यापक हैं।
अखिल मूर्ति सर से पहला प्रश्न था कि तैयारी की शुरुआत का पहला कदम क्या होना चाहिए? और इसकी शुरुआत करते समय किन बातों की जानकारी होनी चाहिए?
शुरुआती समझ के महत्वपूर्ण बिंदु साझा करते हुए सर ने बताया कि हमें अपनी तैयारी आरम्भ से पहले इस परीक्षा की अर्हताओं एवं आयोग की अपेक्षाओं को जान लेना चाहिए। सर ने कुछ महत्वपूर्ण अर्हताओं को संक्षिप्त में साझा किया है, जो निम्नलिखित हैं-
- मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
- स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए, मार्क्स/प्रतिशत की कोई शर्त नहीं है।
- स्नातक के अंतिम वर्ष में भी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं
- सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 21 से 32 वर्ष एवं आरक्षित श्रेणियों के लिए आयु में कुछ छूट है।
- सामान्य श्रेणी के लिए 6 प्रयास(Attempt) हैं। आरक्षित श्रेणियों के लिए कुछ अतिरिक्त प्रयास मिलते हैं।
सर से दूसरा प्रश्न था कि तैयारी की शुरुआत का सही समय क्या हो? खास तौर से 12वीं के अभ्यर्थी के लिए तैयारी की रणनीति क्या हो?
सर ने कहा कि कक्षा 12 के अभ्यर्थी निर्णायक समय में होते हैं। यहाँ तक आते-आते अभ्यर्थियों में ठीक-ठाक परिपक्वता आ चुकी होती है। अधिकांश अभ्यार्थी इस स्तर पर स्व-विनियमित (Self Regulated) होने लगते हैं। यदि अभ्यर्थी का सपना सिविल सेवाओं में जाना है तो उसके लिए तैयारी की शुरूआत का यह स्वर्णिम समय है।
- सामान्यतया 12वीं पास अभ्यर्थी की उम्र 17 से 18 वर्ष होती है। ग्रेजुएशन पूरा करते ही उसकी उम्र लगभग 21 वर्ष हो जाती है।
- सिविल सेवा परीक्षा की बेहतर तैयारी में कम से कम 2 वर्ष लग जाते हैं।
- यानी यह वही समय है जब परीक्षा की आयु सीमा में प्रवेश करते ही पहले प्रयास के लिए तैयारी को सम्पूर्णता दे सकते हैं।
संस्कृति IAS के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अखिल मूर्ति सर ने खास तौर पर 12वीं के अभ्यर्थियों को तैयारी की रणनीति में शामिल करने के कुछ टिप्स दिए हैं, जो अकादमिक अध्यापन एवं सिविल सेवा की तैयारी में सामंजस्य स्थापित करने के लिए कारगर साबित होंगे–
- सर्वप्रथम किसी मान्यता प्राप्त विश्व विद्यालय या उससे सम्बन्ध कॉलेज में स्नातक में दाखिला लें।
- विषयों का चयन अपनी रूचि के अनुसार करें।
- संभव हो तो ऐसे विषय को चुने, जो आपके सामान्य अध्ययन के साथ वैकल्पिक विषय में भी सहायक हो।
- स्नातक के पहले वर्ष में अकादमिक अध्ययन को प्राथमिकता दें।
- इस दौरान घटित घटनाओं से स्वयं को अख़बार, मीडिया आदि से अद्यतन रखें।
- स्नातक के दूसरे वर्ष से सिविल सेवा की तैयारी को प्राथमिकता में लेकर आएं।
- तैयारी की शुरुआत NCERT की पुस्तकों से करें।
- यदि अकादमिक अध्ययन के उपरांत आपको पर्याप्त समय मिल रहा है तो आप किसी बेहतर कोचिंग संस्था से जुड़ सकते हैं।
- स्नातक के अंतिम वर्ष में अकादमिक अध्यापन के साथ सिविल सेवा परीक्षा केन्द्रित हो जाएँ।
- रीडिंग स्किल, लेखन अभ्यास, भाषा, वर्तनी, प्रवाह आदि को बेहतर बनाने का प्रयास करें।
- पाठ्यक्रम एवं विगत वर्षो के प्रश्नों के माध्यम से अपनी तैयारी को दिशा दें।
- जैसे ही आयु 21 वर्ष हो जाती है। पूरी तैयारी से First attempt दें।
आशा की जाती है इस लेख से आपने कुछ अवश्य सीखा होगा। मुझे पूरा विश्वास है उक्त बिंदु आपकी तैयारी को सटीकता प्रदान करेंगे और यह टिप्स छात्रों से समय को बचाकर सफलता प्राप्ति में सहायक होंगे।

Author: Janta Tak Ballia



